चीन से व्यापार वार्ता के बीच अमेरिका ने कहा है कि वह 10 मई को 200 अरब डॉलर (13.84 लाख करोड़ रुपए) के चाइनीज इंपोर्ट पर आयात शुल्क 10% से बढ़ाकर 25% कर देगा। अमेरिका का कहना है कि वार्ता बहुत धीमी गति से बढ़ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ट्वीट कर टैरिफ बढ़ाने की बात कही। साथ ही धमकी दी कि 325 अरब डॉलर (24.49 लाख करोड़ रुपए) के अतिरिक्त इंपोर्ट पर भी जल्द 25% शुल्क लगाया जाएगा।

चीन सौदेबाजी करना चाहता है: ट्रम्प

  1. चीन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का व्यापार वार्ता के सिलसिले में बुधवार को अमेरिका जाने का कार्यक्रम था। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प की धमकी की वजह से चीन इसे रद्द कर सकता है।
  1. ट्रम्प ने कहा है कि चीन 10 महीने से 50 अरब डॉलर के इंपोर्ट पर 25% और 200 अरब डॉलर के इंपोर्ट पर 10% शुल्क दे रहा है। चीन के साथ व्यापार वार्ता जारी है लेकिन इसकी गति बहुत धीमी है क्योंकि चीन फिर से सौदेबाजी करना चाहता है।
  1. अमेरिका और चीन के बीच पिछले साल मार्च में ट्रेड वॉर शुरू हुआ था। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर आयात शुल्क बढ़ाया। नवंबर में डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी-जिनपिंग जी-20 में मिले तो ट्रेड वॉर खत्म करने के लिए व्यापार वार्ता शुरू करने पर सहमति बनी। उस वक्त ट्रम्प इस बात के लिए राजी हुए थे कि मार्च तक टैरिफ नहीं बढ़ाएंगे। वार्ता जारी रहने की वजह से मार्च में फिर से डेडलाइन बढ़ा दी गई।
  1. चीन के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 378.73 अरब डॉलर
    अमेरिका चाहता है कि चीन के साथ उसका व्यापार घाटा कम हो। पिछले साल यह 378.73 अरब डॉलर रहा था। यूएस की यह मांग भी है कि उसके उत्पादों की चीन के बाजार में पहुंच बढ़े और चीन में अमेरिकी कंपनियों पर टेक्नोलॉजी शेयर करने का दबाव खत्म किया जाए।

(Adapted from Bhaskar.com)