अमेरिका, भारत, जापान और फिलीपींस ने दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे वाले जलमार्ग क्षेत्र में संयुक्त नौसेना अभ्यास कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है। इस सैन्य अभ्यास में अमेरिका का विध्वंसक पोत, भारत के दो युद्धपोत, जापान का विमानवाहक पोत और फिलीपींस का गश्ती पोत शामिल हुए। चारों देश इसी तरह का सैन्य अभ्यास इस क्षेत्र में पहले भी कर चुके हैं जिस पर चीन ने नाराजगी जताई थी।

अमेरिकी नौसेना के कमांडर एंड्रयू जे क्लग ने गुरुवार को कहा, ‘यह पेशेवर जुड़ाव क्षेत्र में हमारे सहयोगियों, साझीदारों और मित्र देशों के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ करने का अवसर है।’ क्लग अमेरिकी विध्वंसक पोत यूएसएस विलियम पी लॉरेंस के कैप्टन हैं। एक हफ्ते चला नौसैनिक अभ्यास बीते बुधवार को समाप्त हुआ। इसमें जापान ने अपने दो बड़े विमानवाहक युद्धपोतों में से एक इजुमो को भेजा था। जबकि भारत के विध्वंसक पोत आइएनएस कोलकाता और टैंकर आइएनएस शक्ति ने इस अभ्यास में हिस्सा लिया।

इस युद्धाभ्यास के दौरान ही बीते सोमवार को अमेरिका के दो अन्य युद्धपोत दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे वाले द्वीपों के पास से गुजरे थे। चीन ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है। इसके जवाब में अमेरिकी नौसेना ने कहा था कि वह दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में स्वतंत्र आवाजाही के लिए इस तरह के अभियान करती रहती है।

पूरे दक्षिण चीन सागर पर चीन का दावा
चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। जबकि इस क्षेत्र के देशों ब्रुनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम भी इस पर अपना-अपना दावा करते हैं।

(Source: https://www.jagran.com/)