ऊर्जा क्षेत्र की बकाया राशि का भुगतान करने के लिए पाकिस्तान 200 अरब रुपये का और कर्ज लेने की तैयारी में है। ऊर्जा सुधारों से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इससे वित्तीय अस्थिरता से जूझते सरकारी और निजी विद्युत उत्पादन कंपनियों को राहत मिलेगी।

पिछले एक दशक से बिजली संकट के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था व जनता परेशानी में है। पिछले एक साल से बिजली संकट से देश कुछ उबरा है, लेकिन पूर्व की सरकारों के कुप्रबंधन और सब्सिडी के कारण ऊर्जा क्षेत्र का बकाया भुगतान 1.4 खरब रुपये तक पहुंच चुका है। पाकिस्तान ने इस महीने की शुरुआत में ऊर्जा सेक्टर को वित्तीय संकट से उबारने के लिए इस्लामिक बांड के माध्यम से 200 अरब रुपये जुटाए थे। प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा ऊर्जा सुधारों पर गठित टास्क फोर्स के प्रमुख नदीम बाबर ने कहा, सरकार अप्रैल तक 200 अरब रुपये का कर्ज लेकर विद्युत उत्पादन कंपनियों को वित्तीय संकट से उबारने का प्रयास कर रही है। बाबर ने कहा, ‘कुल 400 अरब रुपये का कर्ज भी भुगतान के आंकड़े को शून्य तक नहीं ला सकता। लेकिन इससे उत्पादन इकाई बंद होने या पैसे की तंगी की चिंता से मुक्त होंगे।’

(Adapted from jagran.com)