दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत श्रंखला माउंट एवरेस्ट से 3 हजार किलो कचरा साफ किया गया है। नेपाल सरकार ने 14 अप्रैल से 45 दिनों का एवरेस्ट क्लीनिंग कैंपेन शुरू कर रखा है। इसके तहत 10 हजार किलो कूड़ा इकट्ठा करने का लक्ष्य है। अभियान पर तकरीबन 1 करोड़ 43 लाख रुपये खर्च होने हैं। सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से कूड़ा मिल रहा है, उससे साफ है कि पर्वत श्रंखला कूड़े के ढेर में तब्दील हो रही है। सारा कूड़ा काठमांडू लाकर वर्ल्ड एनवायरमेंट डे यानी 5 जून के दिन लोगों को दिखाया जाएगा और फिर इसका निस्तारण किया जाएगा।

29 मई को पूरा होगा सफाई अभियान
1. पर्यटन विभाग के निदेशक डंडू राज घिमिरे का कहना है कि सफाई अभियान 29 मई को पूरा होगा। इसी दिन एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नॉर्गे ने 1953 में पहली बार एवरेस्ट पर फतह पाई थी।

2. पर्वतारोहियों के साथ कुलियों के जरिए पहुंच रहा कूड़ा
2. सूत्रों का कहना है कि एवरेस्ट में जो कूड़ा मिला है, उसे या तो पर्वतारोही वहां पहुंचा रहे हैं, या फिर ऊंचे क्षेत्रों में काम करने वाले कुली। समय-समय पर शेरपा भी एवरेस्ट का भ्रमण करते हैं, उनसे भी कूड़ा वहां पहुंच रहा है। जो कूड़ा एकत्र किया गया है, उसमें प्लास्टिक, बीयर की बोतलों, कास्मेटिक के कवर जैसी चीजें शामिल हैं।

3. घिमिरे का कहना है कि जो कूड़ा एकत्र किया गया है, उसमे से 2 हजार किलो ओखलधुंगा भेजा जा रहा है, जबकि बाकी 1 हजार किलो को नेपाली सेना के हेलिकॉप्टरों के माध्यम से काठमांडू लाकर निस्तारित किया जाएगा।

4. उनका कहना है कि 5 हजार किलो कूड़ा बेस कैंप एरिया से एकत्र होना है, जबकि 2 हजार किलो दक्षिणी क्षेत्र और 3 हजार किलो कैंप2, कैंप3 एरिया से इकट्ठा किया जाना है। उनका कहना है कि कूड़ा एकत्र करने वाली टीमों को निर्देश दिया गया है कि ऊपर अगर कोई शव मिले तो उसे भी नीचे लाया जाए। उनका कहना है कि अभी तक 4 शव ऊपरी क्षेत्र में मिले हैं।

5. एवरेस्ट को साफ रखने के लिए सरकार ने पहले भी प्रयास किए हैं। 2014 में कानून बनाया गया था कि जो भी पर्वतारोही एवरेस्ट पर जाएगा, वह नीचे आते समय कम से कम 8 किलो सॉलिड वेस्ट अपने साथ लेकर आएगा। सरकार की कोशिश थी कि एक पवर्तरोही जितना कूड़ा पहाड़ पर फैलाए, कम से कम उतना तो वह नीचे लेकर आ जाए।

(Adapted from Bhaskar.com)