Cyclone Fani भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘फेनी’ बुधवार तक बेहद खतरनाक रूप ले सकता है। यह 175-185 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तटवर्ती इलाकों से टकरा सकता है। इसके संभावित खतरे को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने बचाव अभियानों के लिए अपने जहाज और हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए हैं। भारतीय नौसेना हाई अलर्ट पर है। एनडीआरएफ ने भी राहत और बचाव कार्य के लिए अपनी 41 टीमें तैनात की हैं।

केंद्र की एडवाइजरी, ले सकता है खतरनाक रूप
गृह मंत्रालय के नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (एनइआरसी) की तरफ से ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल एवं आंध्र प्रदेश सहित तीन केंद्र शासित प्रदेशों अंडमान-निकोबार, पुडूचेरी एवं लक्ष्यद्वीप के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। एडवाइजरी के मुताबिक मंगलवार की सुबह तक इसके बेहद खतरनाक साइक्लोनिक स्टर्म का रूप लेने का अनुमान किया गया है। एक मई शाम तक यह उत्तर-पश्चिम की तरफ गति कर सकता है। इसके बाद उत्तर पूर्व की दिशा में गति करते हुए ओडिशा की तरफ बढ़ने का अनुमान है।

सेना और वायु सेना इकाइयां स्टैंड बाई पर
ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सेना और वायु सेना की इकाइयों को स्टैंड बाई पोजीशन पर रखा गया है। मौसम विज्ञान विभाग, भुवनेश्वर के निदेशक एचआर विश्वास ने बताया कि यह तूफान ओडिशा के तटवर्ती इलाकों से होते हुए पश्चिम बंगाल का रुख करेगा। उन्होंने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है। इसके साथ ही ट्रेन सेवाओं को निलंबित रखने या उनके मार्गों में बदलाव के सुझाव भी दिए हैं। विभाग की ओर से मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

तीन तक ओडिशा तट से टकराने का अनुमान
अनुमान है कि चक्रवाती तूफान फेनी तीन मई तक ओडिशा तट से टकरा सकता है। ऐसे में तटीय जिलों के जिलाधीशों को सतर्क रहने को कहा गया है। ओड्राफ, एनडीआरएफ तथा दमकल वाहिनी कर्मचारियों को पहले ही वहां पर भेज दिया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अनुमान लगाया है कि तूफान के कारण भद्रक और बालेश्वर के बीच तट पर भूस्खलन की आशंका है। पुरी में सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रद कर दी गई हैं। साथ ही सूखे खाद्य पदार्थ, पेयजल, दवा, पशु खाद्य की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

केरल, आंध्र, तमिलनाडु और ओडिशा में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने इस तूफान के कारण केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। नौसेना ने तंबू, कपड़े, दवाइयां, कंबल, भोजन सामग्री, रबड की नाव, डाक्टर्स और अतिरिक्त गौताखोरों को तैयार रखा है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एहतियाती कदम उठाने और राहत कार्यों के लिए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए 10 हजार 86 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

नौसेना के विमान तैनात
नौसेना के मुताबिक, उसके विमान तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में विभिन्न स्टेशनों में तैनात हैं। आपात स्थिति में इनसे मुसीबत में फंसे लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 मई से 3 मई तक बंगाल की खाड़ी से लेकर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर तेज हवाएं चलेंगी। खतरनाक रूप लेते जा रहे इस तूफान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंभीर चिंता जताई है और अधिकारियों को सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश जारी किए हैं।

‘तितली’ से भी अधिक हो सकता है खतरनाक
चक्रवात फेनी का प्रभाव चक्रवाती तूफान ‘तितली’ से भी अधिक हो सकता है। इसे लेकर क्षेत्रीय मौसम विभाग, भुवनेश्वर की तरफ से मंगलवार को सूचना जारी की गई है। क्षेत्रीय निदेशक एचआर विश्वास ने बताया कि चक्रवाती तूफान फेनी मंगलवार की सुबह सीवीयर साइक्लोन वेरी का रूप धारण कर चुका है। तटीय ओडिशा के सभी जिलों में दो मई से बारिश शुरू हो जाएगी। तीन व चार को तटीय ओडिशा के सभी जिलों में बारिश होगी। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है। बंदरगाहों में दो नंबर खतरे का निशान लगा दिया गया है।

(Adapted from Jagran.com)