भारत ने मल्टीनेशनल कंपनियों (एमएनसी) की आय और टैक्स की कंट्री-बाय कंट्री (सीबीसी) रिपोर्ट साझा करने के लिए अमेरिका के साथ किए गए एग्रीमेंट को नोटिफाई कर दिया है। टैक्स चोरी रोकने के लिए मार्च में यह एग्रीमेंट हुआ था जिसे 25 अप्रैल को नोटिफाई किया गया है।

यूएस की कंपनियों को भारत में अलग से रिपोर्ट फाइल नहीं करनी पड़ेगी
एग्रीमेंट के तहत दोनों देश 1 जनवरी 2016 और उसके बाद एमएनसी द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट्स शेयर कर सकेंगे। अब अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनियों की भारतीय सब्सिडियरी को अलग से रिपोर्ट फाइल करने की जरूरत भी नहीं होगी।

सीबीसी रिपोर्ट में टैक्स के भुगतान की जानकारी के अलावा उस ग्रुप की सभी कंपनियों की लिस्ट भी होती है। साथ ही हर कंपनी की प्रमुख कारोबारी गतिविधियों का ब्यौरा होता है।

75 करोड़ यूरो (5500 करोड़ रुपए) या इससे ज्यादा सालाना रेवेन्यू वाली मल्टीनेशनल कंपनियों को अपनी पेरेंट फर्म वाले देश में सीबीसी रिपोर्ट दाखिल करनी होती है।

(Adapted from Bhaskar.com)