आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद (jaish e mohammad) के सरगना मसूद अजहर(Masood Azhar) को संयुक्त राष्ट्र (UN) ने वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है। इसे भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत बताई जा रही है। दरअसल पाकिस्तान में पनाह लेकर आतंकी हमला कराने वाले इस संगठन ने भारत में कई आतंकी वारदातों को अंजाम दिया है। इस वजह से भारत उसे वैश्विक आतंकी घोषित कराने की कोशिश में लगा था। भारत ही नहीं मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति के सदस्य देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस लगातार कोशिश कर रहे थे, लेकिन चीन इस राह में रोड़ा बन रहा था। चीन इस प्रस्ताव पर चार बार वीटो लगा चुका था, लेकिन पांचवीं बार वह राजी हो गया, जिसके बाद आज मसूद अजहर वैश्विक आतंकी घोषित हो गया।

जैश का सरगना है मसूद अजहर
खूंखार आतंकी मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है जो पाकिस्तान के बहावलपुर का रहने वाला है। मसूद अजहर ने मार्च 2000 में हरकत-उल-मुजाहिदीन में विभाजन करावाकर यह संगठन बनाया था। मसूद अजहर को साल 1994 में श्रीनगर पर हमले की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, 1999 में कंधार विमान अपहरण कांड के बाद भारत सरकार को उसे रिहा करना पड़ा था। इसके अगले ही साल उसने जैश-ए-मोहम्मद नाम से आतंकवादी संगठन बना लिया। लेकिन, साल 2002 में पाकिस्तान सरकार ने जैश पर बैन लगा दिया।

कौन-कौन से हमले को दिया अंजाम?
मसूद अजहर भारत में अब तक कई आतंकी वारदातों को अंजाम दे चुका है। 13 दिसंबर 2001 को मसूद अजहर ने ही भारतीय संसद पर हमला कराया था। इससे पहले अक्टूबर 2001 में ही उसने जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर भी आतंकी हमला कराया था। 2 जनवरी 2016 को पंजाब के पठानकोट में वायुसेना की छावनी पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी मसूद अजहर ही था। इसके अलावा, इसी साल 14 फरवरी को पुलवामा में सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी।

पठानकोट अटैक का मास्टरमाइंड है मसूद
पठानकोट एयरबेस पर हमले की साजिश लाहौर के पास रची गई थी। आतंकियों को ट्रेनिंग पाकिस्तान के चकलाला और लायलपुर एयरबेस पर दी गई थी। हमले के वक्त आतंकियों के चारों हैंडलर्स पाकिस्तान के बहावलपुर, सियालकोट और शकरगढ़ में मौजूद थे। जैश का सरगना मसूद अजहर, उसका भाई रउफ असगर, उनके दो साथी अशफाक और कासिम हमलावरों को आदेश दे रहे थे। 2002 में अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या का आरोप भी मसूद अजहर पर लगा था।

पुलवामा आतंकी हमले का जिम्मेदार
इसी साल 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा (Pulwama Terror Attack) में सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले की जैश-ए मुहम्मद ने जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में सेना के 40 जवान शहीद हो गए थे। यह हमला उस वक्त हुआ, जब सीआरपीएफ के ज्यादातर जवान अपनी छुट्टिया खत्म कर वापस श्रीनगर ड्यूटी पर लौट रहे थे। आदिल अहमद डार नाम के आत्मघाती हमलावर ने इस हमले को अंजाम दिया था, जिसने विस्फोटक से भरी कार ले जाकर सीआरपीएफ के काफिले से भिड़ा दी थी।

(Adapted from Jagran.com)