पूंजी बाजार नियामक सेबी ने को-लोकेशन मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को 687 करोड़ रुपए का जुर्माना ब्याज सहित विशेष फंड में जमा कराने का आदेश दिया है। एनएसई के दो पूर्व-सीईओ रवि नारायण और चित्रा रामकृष्ण को एक अवधि विशेष के दौरान प्राप्त सैलरी के 25% हिस्सा जमा कराने को कहा है। साथ ही इन दोनों पर किसी लिस्टेड कंपनी या मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन (एमआईआई) या मार्केट इंटरमीडियरी के साथ काम करने पर पांच साल की रोक लगाई है। ये दोनों छह माह तक सिक्यूरिटी मार्केट में कारोबार भी नहीं कर पाएंगे।

को-लोकेशन के कारण एक्सचेंज सर्वर तक जल्द पहुंचते थे ब्रोकर
को-लोकेशन का मतलब एक्सचेंज परिसर में ब्रोकरों द्वारा सर्वर लगाने से है। इससे नजदीकी ब्रोकरों को दूर के ब्रोकरों के मुकाबले एक्सचेंज के सर्वर तक जल्द पहुंच मिल जाती है। सेबी एनएसई पर चुनिंदा ब्रोकरों को यह लाभ पहुंचाने के आरोपों की जांच कर रहा था। नियामक ने जांच में पाया कि इसमें नियमों का उल्लंघन हुआ।

(Adapted from Bhaskar.com)